MP E-Vikas 2.0 Portal:
नमस्कार दोस्तों आज के समय में यूरिया खाद की बहुत भारी समस्या चल रही है अगर आप मध्य प्रदेश के किसान हैं तो यह पोस्ट आपके लिए बहुत जरूरी हो सकती है। हम जानते हैं कि खेती में सही समय पर खाद (यूरिया, डीएपी) मिलना कितना जरूरी होता है। लेकिन पिछले कुछ समय से खाद लेने के लिए सोसायटियों के चक्कर काटना और लंबी-लंबी लाइनों में लगना एक बहुत बड़ी मुसीबत बन गयी हैं।

इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने एक ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की थी लेकिन उसमें कुछ कमियां थीं। हाल ही में हुए किसान आंदोलनों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से बंद करके एक नया और बेहद हाईटेक पोर्टल लॉन्च किया है जिसका नाम है ई-विकास 2.0
आज के इस डिटेल आर्टिकल में हम आपको ई-विकास 2.0 पोर्टल के बारे में वो सब कुछ बताएंगे जो आपको जानना जरूरी है। चलिए शुरू करते हैं
अब MP में WhatsApp से मिलेगा e-Token और सरकारी सेवाएं:
मध्यप्रदेश के नागरिकों और किसानों के लिए एक बड़ी और काम की खबर है डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए मप्र सरकार ने WhatsApp Chatbot आधारित e-Token और अन्य नागरिक सेवाएं पूरी तरह चालू कर दी हैं। अब आपको सरकारी दफ्तरों या खाद वितरण केंद्रों पर लंबी लाइनों में खड़े होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
आखिर कार क्यों बंद करनी पड़ी पुरानी व्यवस्था जाने (आंदोलन की पूरी कहानी)
किसी भी नई व्यवस्था को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि इसकी नौबत क्यों आई। दरअसल, पिछले महीने 28 और 29 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में संयुक्त किसान मोर्चा और कई बड़े किसान संगठनों ने मिलकर एक बहुत बड़ा आंदोलन किया था।
ई-विकास 2.0 की 4 सबसे यूनिक बातें
अगर आप सोच रहे हैं कि यह पुराना वाला ही पोर्टल है तो आप बिल्कुल गलत हैं। इस बार सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए कुछ ऐसे फीचर्स जोड़े हैं जो सचमुच कमाल के हैं:
1. खुद टोकन कैंसिल (Cancel) करने की आजादी
पुरानी व्यवस्था में सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि अगर किसी किसान से गलती से गलत तारीख या गलत सोसाइटी का टोकन बुक हो जाता था, तो वह उसे बदल नहीं पाता था। लेकिन ई-विकास 2.0 में अगर आपसे कोई गलती हो जाती है, तो आप टोकन बनाने के 24 घंटे बाद उसे खुद ऑनलाइन निरस्त (Cancel) कर सकते हैं। इसके बाद आपके क्षेत्र के तहसीलदार या राजस्व अधिकारी 48 घंटे के भीतर उस पर फैसला ले लेंगे और आप नया टोकन बुक कर पाएंगे।
2. एग्री स्टैक (Farmer ID) हुआ अनिवार्य
यह इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण बदलाव है। अब सिर्फ खसरा नंबर या ऋण पुस्तिका (B1) से काम नहीं चलेगा। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देश के सभी किसानों का एक डिजिटल डेटाबेस बना रही हैं। ई-विकास 2.0 पोर्टल का लाभ उठाने के लिए आपके पास फार्मर आईडी (Farmer ID) होना जरूरी है अगर आपकी आईडी नहीं बनी है तो आप इसे अपने नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर या एग्री स्टैक पोर्टल पर जाकर बनवा सकते हैं। या अपने खसरे से संबंधित पटवारी से संपर्क करके फॉर्मल आईडी बनवा सकते हैं
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3. लाइव स्टॉक ट्रैकिंग (Live Stock Tracking)
अब आपको घर से निकलने के बाद यह पता करने की जरूरत नहीं है कि सोसाइटी में खाद है या नहीं। ई-विकास 2.0 पोर्टल पर लॉगिन करते ही आपको यह दिख जाएगा कि आपके नजदीकी सहकारी समिति केंद्र (Cooperative Society) के गोदाम में इस वक्त यूरिया, डीएपी (DAP), एनपीके (NPK) या एसएसपी (SSP) की कितना स्टॉक है इसलिए किसान को दिक्कत नहीं होगी
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4. रकबे के हिसाब से खाद का ऑटोमैटिक निर्धारण:
अब कोई भी व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खाद बुक करके ब्लैक मार्केटिंग नहीं कर पाएगा। जैसे ही आप अपनी फार्मर आईडी डालेंगे पोर्टल आपके जमीन के रकबे (Area) के हिसाब से खुद तय कर देगा कि आपको अधिकतम कितनी बोरी खाद मिल सकती है। इससे छोटे किसानों को खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
मोबाइल से ई-विकास 2.0 पोर्टल पर ऑनलाइन खाद टोकन कैसे बुक करें:

ऑनलाइन टोकन बुक करना अब बहुत आसान हो गया है। आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर से नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना टोकन खुद जनरेट कर सकते हैं
1आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं सबसे पहले मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक ई-विकास 2.0 पोर्टल (या अपने जिले की आधिकारिक NIC वेबसाइट) पर जाएं।
2: कृषक लॉगिन (Farmer Login) चुनें होमपेज पर आपको कई विकल्प दिखाई देंगे। वहां आपको “कृषक लॉगिन” या “नया ई-टोकन जनरेट करें” वाले बटन पर क्लिक करना होगा
3: फार्मर आईडी और ओटीपी दर्ज करें अब स्क्रीन पर अपनी फार्मर आईडी (Farmer ID) या आधार नंबर डालें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, उसे डालकर वेरीफाई करें
4: अपने क्षेत्र और खाद का चयन करें लॉगिन होने के बाद अपने जिले, तहसील और उस सहकारी समिति (सोसाइटी) का नाम चुनें जहां से आप खाद उठाना चाहते हैं। इसके बाद आपको जिस खाद (यूरिया/DAP/NPK) की जरूरत है, उसे सिलेक्ट करें
5: टोकन सबमिट करें सभी जानकारी सही-सही भरने के बाद ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करें। क्लिक करते ही आपके मोबाइल स्क्रीन पर एक डिजिटल ई-टोकन नंबर दिखाई देगा और आपके फोन पर एक मैसेज भी आएगा
इस टोकन में खाद लेने की तारीख और समय लिखा होगा। बस उस तय समय पर सोसाइटी जाएं और बिना लाइन में लगे अपनी खाद ले आएं।
ऑनलाइन टोकन बुक करते समय इन बातों का रखें खास ध्यान:
- मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए: आपकी फार्मर आईडी या आधार से जो मोबाइल नंबर लिंक है, वह चालू होना चाहिए क्योंकि बिना ओटीपी (OTP) के लॉगिन नहीं होगा।तय समय पर पहुंचें: टोकन में जो तारीख और समय दिया गया है, उसी समय पर सोसाइटी पहुंचें। अगर आप उस दिन नहीं जाते हैं, तो आपका टोकन अमान्य हो सकता है और आपको दोबारा बुकिंग करनी पड़ेगी।
- दस्तावेज साथ रखें: सोसाइटी जाते समय अपना आधार कार्ड, फार्मर आईडी की कॉपी और मोबाइल फोन (जिस पर टोकन का मैसेज आया है) अपने साथ जरूर रखें। और मोबाइल को भी लेकर के जाना होगा यदि आपका फिंगर प्रिंट काम नहीं कर रहा है तो ओटीपी से कम हो जाएगा
ई-विकास 2.0 पोर्टल पर अभी क्या-क्या परेशानियां जा रही हैं:
मध्य प्रदेश के किसानों को इस नए डिजिटल सिस्टम पर दो सबसे बड़ी ग्राउंड समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहली दिक्कत यह है कि सॉफ्टवेयर जमीन के रकबे के हिसाब से ऑटोमैटिक खाद तय कर रहा है, जिससे डेटा गड़बड़ी के कारण 5 एकड़ वाले किसान को 10 बोरी के हक की जगह पोर्टल पर सिर्फ 1 या 2 बोरी ही खाद मिल पा रही है। दूसरी बड़ी परेशानी यह है कि अगर किसान को कोटे से ज्यादा खाद चाहिए, तो पोर्टल उससे पूरा डेटा और वजह मांगता है; हालांकि सरकार ने 50 शब्दों में कारण लिखने का नियम हटा दिया है उसकी जगह उन्होंने कुछ पॉइंट 8 से 10 करण को उसमें जोड़ दिया है जिसे आप कोई एक कारण सिलेक्ट कर लेते है तो कुछ बैग यूरिया खाद बढ़कर मिल जाती हैं।
कुछ पूछे जाने वाले सवाल:
1: क्या ई-विकास 2.0 पर टोकन बुक करने का कोई चार्ज लगता है
यह सरकार द्वारा किसानों के लिए बनाई गई बिल्कुल मुफ्त (Free) सेवा है। इसके लिए आपको किसी को भी कोई पैसा देने की जरूरत नहीं है।
2: अगर मेरे पास फार्मर आईडी (Farmer ID) नहीं है तो क्या मुझे खाद नहीं मिलेगी
नई व्यवस्था के तहत फार्मर आईडी को अनिवार्य किया जा रहा है अगर आपकी आईडी नहीं बनी है, तो आप तुरंत अपने क्षेत्र के पटवारी, ग्राम सेवक या नजदीकी ऑनलाइन सेंटर (MP Online / CSC) पर जाकर इसे बनवा लें, ताकि आपको खाद लेने में कोई परेशानी न हो।
3: क्या एक टोकन पर मैं यूरिया और डीएपी दोनों एक साथ बुक कर सकता हूँ
पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद आपकी जमीन के रकबे के हिसाब से जो भी पात्रता (Eligibility) दिखेगी, आप अपनी जरूरत के अनुसार यूरिया और डीएपी दोनों की मात्रा एक ही बार में चुनकर टोकन जनरेट कर सकते हैं।
4: इंटरनेट या सर्वर डाउन होने पर टोकन कैसे मिलेगा
सरकार ने ई-विकास 2.0 के सर्वर को पहले से बहुत मजबूत बनाया है। लेकिन फिर भी अगर किसी क्षेत्र में इंटरनेट की समस्या है, तो किसान अपनी सहकारी समिति (सोसाइटी) के काउंटर पर जाकर भी ऑफलाइन माध्यम से कंप्यूटर ऑपरेटर से अपना ई-टोकन कटवा सकते हैं।
हाल ही मे किया गया बदलाव:
जैसे की हम जानते हैं मध्य प्रदेश सरकार यूरिया खाद को लेकर समय-समय पर पोर्टल में नहीं नियमों को जोड़ रही है हाल ही में इसमें मोबाइल नंबर से लोगिन करने का ऑप्शन आ गया है पहले आधार कार्ड नंबर से लॉगिन किया जाता था अब सीधे मोबाइल नंबर डालकर ई-टोकन कर सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion):
अब टोकन बुक करना बहुत ही ज्यादा आसान हो गया है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई http://MP E-Vikas Portal निश्चित रूप से किसानों के हित में एक बड़ा कदम है आंदोलन के बाद सरकार ने जिस तरह से सॉफ्टवेयर की कमियों को सुधारा है और खुद टोकन कैंसिल करने जैसी सुविधाएं दी हैं, उससे किसानों का समय और पैसा दोनों बचेगा। अब खाद के लिए ब्लैक मार्केटिंग पर भी लगाम लगेगी। यदि आपको टोकन बुक करते समय किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो हमें व्हाट्सएप ग्रुप मैं जरूर बताएं